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ऐसी घटना जिसे पढ़ हो जाएंगे हैरान, लाठी चार्ज के दौरान ग्रामीण हुए उग्र

प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में की हुई मृत्यु, परिजनों ने लगाएं सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के आरोप।

संवाददाता करन कुमार विश्वकर्मा

प्रतापगढ़। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य के जनपद प्रतापगढ़ से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है ,जहां पर प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाली दलित युवती संदिग्ध परिस्थितियों मौत पर जमकर बवाल हो गया। इसके अलावा परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। इसको लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया तो ग्रामीण उग्र हो गए और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके अलावा आपको बताते चलें कि दुर्गागंज बाजार की एक युवती पास के ही मां मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर काम करती थी।शुक्रवार को युवती की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर लाठी चलाने के बाद स्थिति बेकाबू हो गई।आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद सीओ रानीगंज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। आपको बताते चलें कि मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार रात 11 बजे कोमल नाम की दलित युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों को अस्पताल से फोन कर बुलाया गया,लेकिन जब मां हीरावती वहां पहुंचीं तो कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।कुछ देर बाद एंबुलेंस से शव गांव भेजने का प्रयास किया गया,लेकिन ग्रामीणों ने एंबुलेंस को रोक लिया। जब परिजनों ने शव देखा तो युवती के शरीर पर चोटों के कई निशान थे और कपड़े भी फटे हुए थे,जिससे संदेह गहरा गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन,डॉक्टर अमित पांडेय,कर्मचारी सुनील कुमार, विद्यासागर, शहबाज और दाई गनोर्मा देवी पर साजिश के तहत सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया। इसके अलावा युवती की मौत से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।पुलिस जब शव को कब्जे में लेने पहुंची तो लोगों ने विरोध जताया।हालात बिगड़ने पर कई थानों की फोर्स बुला ली गई।पुलिस ने लाठीचार्ज किया,जिससे ग्रामीण और उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। इसी के साथ आपको बता दें कि इस पथराव में रानीगंज के सीओ विनय प्रभाकर साहनी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।बढ़ते तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस शव को कब्जे में नहीं ले सकी। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और न्याय की मांग पर अड़े रहे। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं और आरोपियों पर जल्द कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है एवं स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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