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पत्रकार अब सुरक्षित नहीं, जन सूचना मांगने पर मिल रही जान से मारने की धमकी

पत्रकार अब सुरक्षित नहीं, जन सूचना मांगने पर मिल रही जान से मारने की धमकी

प्रयागराज। जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन जब यही अधिकार एक पत्रकार प्रयोग करता है तो उसे धमकियां मिलने लगती हैं। प्रयागराज के ग्राम माधोपुर चांधन उर्फ घाटमपुर मौज अहमदपुर में रहने वाले रमेश कुमार पुत्र जोखू लाल, जो कि स्थानीय अखबार के पत्रकार हैं, इन दिनों अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

रमेश कुमार ने आरोप लगाया है कि जब से उन्होंने अपने ग्राम सभा में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए जन सूचना की मांग की है, तब से इंद्र भूषण हरिजन पुत्र रामचंद्र हरिजन उन्हें लगातार धमका रहे हैं। शराब के नशे में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देना इनका रोज का काम बन गया है।

पत्रकार ने यह भी बताया कि इंद्र भूषण हरिजन उन्हें फर्जी SC/ST एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दे रहे हैं। इतना ही नहीं, आरोपी अपनी गाड़ी UP71K1600 से टक्कर मारकर हत्या करने की कोशिश भी कर सकता है।

  • प्रशासन पर उठे सवाल

पीड़ित पत्रकार ने 112 पर कॉल कर पुलिस से शिकायत की और थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र भी दिया, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • क्या पत्रकारिता करना अपराध है?  

रमेश कुमार का कहना है, “क्या जन सूचना मांगना अपराध है? क्या ग्राम सभा के भ्रष्टाचार को उजागर करना गलत है? अगर कोई व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियां क्यों दी जाती हैं?”

  • प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल  

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा या यूं ही मूकदर्शक बना रहेगा? अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो इस तरह के मामलों से पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

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7k Network

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