कैंसर ने छीना परिवार का सहारा, चार मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया; अन्नपूर्णा मुहिम ने बढ़ाया मदद का हाथ
उन्नाव : की मृत्यु के बाद बेहद गरीबी में जीवन गुजार रही विधवा संगीता के परिवार को संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पहली बार मिली एक माह की राशन किट
4 अक्टूबर 2026। गरीबी, बेबसी और कठिन पारिवारिक परिस्थितियों के बीच जीवनयापन कर रहे एक विधवा महिला और उसके चार छोटे बच्चों के परिवार तक संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पहली बार राशन सहायता पहुंचाई गई। परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए 4 अक्टूबर को एक माह की राशन किट उपलब्ध कराई गई, जिससे परिवार को भोजन की चिंता से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवार के मुखिया गुड्डू की 27 मई 2024 को कैंसर की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। घर में कमाने वाला कोई सदस्य नहीं रहा और 30 वर्षीय पत्नी संगीता पर चार छोटे बच्चों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी आ गई।
चार मासूम बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी अकेले उठा रही मां
परिवार में संगीता के अलावा उनके चार बच्चे शामिल हैं। इनमें 8 वर्षीय पुत्र श्रृयांश और 5 वर्षीय पुत्र श्रीकांत सरकारी विद्यालय में कक्षा 1 में अध्ययनरत हैं। वहीं 4 वर्षीय पुत्री श्रेया आंगनबाड़ी में जाती है और सबसे छोटी 2 वर्षीय पुत्री अनाया अभी मां की देखरेख में है।
बच्चों की कम उम्र और परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण संगीता के लिए नौकरी करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। परिवार की वर्तमान मासिक आय लगभग 1,000 रुपये बताई गई है, जबकि पेंशन के रूप में 3,000 रुपये प्रति तीन माह में मिलते हैं। इतनी सीमित आय में पांच सदस्यों का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
राशन जमीन, न राशन कार्ड, बारिश ने छत भी छीनी
परिवार के पास न तो कृषि भूमि है और न ही कोई पशुधन। बैंक खाते में भी कोई जमा राशि नहीं है। परिवार के पास राशन कार्ड तक उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण सरकारी राशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
परिवार लगभग 15×30 फुट के कच्चे मकान में रहता है। मकान की छत पर पहले छप्पर था, लेकिन बारिश के कारण वह भी टूट गया। घर की स्थिति इतनी खराब है कि परिवार को रहने और दैनिक जीवन की जरूरतें पूरी करने में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भोजन बनाने के लिए परिवार आज भी कच्चे चूल्हे का इस्तेमाल करता है। कभी-कभार संगीता की सास आटा और दाल की थोड़ी बहुत मदद कर देती हैं, लेकिन इससे परिवार की नियमित जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। कई बार राशन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो जाता है।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पहली बार पहुंची राशन सहायता
परिवार की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत 4 अक्टूबर 2026 को पहली बार एक माह की राशन किट उपलब्ध कराई गई।
इस सहायता का उद्देश्य परिवार को भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकता उपलब्ध कराकर उनकी कठिनाइयों को कम करना है। पति की मृत्यु के बाद चार छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही संगीता के लिए यह सहायता एक महत्वपूर्ण संबल बनी है।
जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही सेवा
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
कैंसर के कारण परिवार के मुखिया को खो चुकी संगीता और उनके चार मासूम बच्चों के लिए यह पहली राशन सहायता विपरीत परिस्थितियों में राहत और उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है।
- रिपोर्टर – धीरज वर्मा









