सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, SDM के आदेश के बाद भी कार्रवाई पर सवाल। तालाब की जमीन के सफेदा पेड़ों की कटाई-बिक्री का आरोप, चकमार्ग पर भी कब्जे की शिकायत—अब मुकदमे की मांग तेज
कुंडा/प्रतापगढ़। ग्रामसभा पूरे किशुनी, थाना महेशगंज, तहसील कुंडा में सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। शिकायत के अनुसार गाटा संख्या 315 तालाब खाते की भूमि तथा गाटा संख्या 316 रास्ता खाते की भूमि है, जिस पर शिवप्रसाद मिश्रा पुत्र रामशरण मिश्रा द्वारा कब्जा किए जाने तथा तालाब की भूमि पर सफेदा के वृक्ष लगाए जाने का आरोप है। वहीं चकमार्ग की भूमि पर चरी की फसल बोए जाने की भी बात कही गई है।
⚖️ SDM के आदेश के बाद भी उठे गंभीर सवाल
शिकायत के मुताबिक 06 अगस्त 2026 को उपजिलाधिकारी महोदय द्वारा नायब तहसीलदार बाबागंज को विधि अनुसार चकमार्ग खाली कराने तथा तालाब की भूमि पर लगे वृक्षों की नीलामी कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित लोगों द्वारा कथित रूप से ठेकेदार बुलाकर सफेदा के वृक्षों को कटवाकर बेच दिया गया।
मामला इसलिए भी गंभीर बताया जा रहा है क्योंकि शिकायतकर्ता के अनुसार उपजिलाधिकारी द्वारा सरकारी भूमि के वृक्षों को अवैध रूप से काटकर/बेचने के संबंध में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश भी पारित किया गया है।
🔥 आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब राजस्व अधिकारी द्वारा सरकारी भूमि और चकमार्ग के संबंध में आदेश पारित किए जा चुके हैं, तो आदेश के अनुपालन में आपराधिक कार्रवाई कब होगी?
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की राजस्व अभिलेखों, मौके की स्थिति, काटे गए वृक्षों तथा कथित बिक्री की जांच कराकर, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रचलित कानून के तहत FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।
सरकारी भूमि की सुरक्षा और प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन को लेकर अब निगाहें राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।








