अधिवक्ता पर जानलेवा हमले के मामले में दूसरे दिन भी अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
सुभाष सोनकर
प्रतापगढ़। कुंडा थाना क्षेत्र के दर्जियाना बरई ग्राम सभा में अधिवक्ता पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में अधिवक्ताओं का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। तहसील कुंडा में तालाबंदी कर विरोध जताने के बाद सैकड़ों अधिवक्ता पीड़ित अधिवक्ता के घर पहुंचे और विवादित भूमि की पैमाइश कराने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं की मांग पर कुंडा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने मौके पर भूमि की पैमाइश कराने का आदेश दिया।
एसडीएम के आदेश के बाद नायब तहसीलदार लालमणि, लेखपाल निर्देश कुमार और कानूनगो नकुल शुक्ला ने मौके पर पहुंचे। और राजस्व टीम ने पैमाइश कि दौरान सामने आया कि विपक्षी के घर का कुछ हिस्सा अधिवक्ता की नंबरी भूमि में पड़ रहा है, जबकि कुछ हिस्सा बंजर खाते की भूमि में पाया गया। वहीं, जिस रास्ते से आवागमन को लेकर विवाद चल रहा था, उसे बंद करा दिया गया।
भूमि की पैमाइश के बाद अधिवक्ताओं ने विपक्षी के घर को बुलडोजर से ध्वस्त कराने की मांग उठाई। इस दौरान मौके पर कुंडा कोतवाल अरविंद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
मामले में कुंडा पुलिस की ओर से पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें से तीन आरोपियों को पहले ही दिन जेल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अधिवक्ताओं का आक्रोश कम नहीं हुआ है। वे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
अब देखना यह होगा कि भूमि की पैमाइश में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है और अधिवक्ताओं की ध्वस्तीकरण की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।







