फीस के फेर में 100 बच्चों की पढ़ाई पर लगा ब्रेक!
कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा के बावजूद शुल्क मांगने का आरोप, डीआईओएस से मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंची शिकायत
कुंडा/प्रतापगढ़। बाबागंज क्षेत्र के पूरे बुद्धीधर स्थित बीडी इंटरमीडिएट कॉलेज में फीस और परीक्षा शुल्क को लेकर विवाद सामने आया है। अभिभावक ने विद्यालय प्रबंधन पर शुल्क जमा न होने के कारण बच्चों को विद्यालय से वापस लौटाने और उन्हें अर्धवार्षिक परीक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रकरण में करीब 100 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में शिकायत की गई, वहीं बच्चों को विद्यालय से लौटाए जाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रकरण चर्चा में आ गया है।
शुल्क जमा नहीं होने पर बच्चों को लौटाने का आरोप
पूरे बुद्धीधर निवासी कैलाश मिश्रा के अनुसार, उनके तीन बच्चे बीडी इंटरमीडिएट कॉलेज में पढ़ते हैं। इनमें राज मिश्रा कक्षा आठ, सागर मिश्रा कक्षा सात और गौरव मिश्रा कक्षा छह के छात्र हैं। कैलाश मिश्रा का आरोप है कि सोमवार को शुल्क जमा नहीं होने की बात कहकर उनके बच्चों को विद्यालय से वापस भेज दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि केवल उनके बच्चों के साथ ही ऐसा नहीं हुआ, बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 100 अन्य छात्र-छात्राओं को भी वापस लौटाया गया। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई और उनकी अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर भी चिंता उत्पन्न हो गई। अभिभावक ने सवाल उठाया कि यदि कक्षा आठ तक निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है, तो बच्चों से किस मद में शुल्क मांगा जा रहा है और शुल्क जमा नहीं होने पर उन्हें विद्यालय से वापस क्यों किया गया?
डीआईओएस से मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचा मामला
मामले को लेकर कैलाश मिश्रा ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), प्रतापगढ़ को शिकायती पत्र सौंपा है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल, जिलाधिकारी और प्रदेश के शिक्षा मंत्री तक भी अपनी शिकायत पहुंचाई है।
शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने तथा यदि विद्यालय स्तर पर कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा के अधिकार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामले का उचित समाधान होना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल
बच्चों को विद्यालय से वापस लौटाए जाने से संबंधित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया। प्रकरण के सामने आने के बाद विद्यालय के शिक्षक मंगलवार को छात्र-छात्राओं और शिकायतकर्ता के घर पहुंचे। वहां बातचीत कर बच्चों और अभिभावक को समझाया गया, जिसके बाद बच्चों को विद्यालय ले जाया गया।
इस घटनाक्रम के बाद बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति और पढ़ाई को लेकर स्थिति में सुधार होने की बात सामने आई है। हालांकि, शुल्क को लेकर उठे सवालों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी बाबागंज आशीष कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी है। उनके मुताबिक, विद्यालय की ओर से परीक्षा शुल्क मांगे जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को विद्यालय में लगभग 99 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की गई।
खंड शिक्षा अधिकारी के बयान के अनुसार, मामला सामान्य फीस के बजाय परीक्षा शुल्क और पंजीकरण से संबंधित बताया जा रहा है। ऐसे में प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शुल्क किस मद में मांगा गया था और बच्चों को विद्यालय से वापस भेजने की परिस्थितियां क्या थीं।
जांच और स्पष्टता का इंतजार
इस पूरे प्रकरण में एक ओर अभिभावक ने शुल्क के नाम पर बच्चों को विद्यालय से लौटाने का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर खंड शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा शुल्क और पंजीकरण से जुड़ा मामला बताया है। ऐसे में यह आवश्यक है कि संबंधित विभाग विद्यालय से शुल्क का विवरण, परीक्षा एवं पंजीकरण संबंधी नियम और बच्चों को वापस भेजे जाने की परिस्थितियों की जांच करे।
फिलहाल, मंगलवार को बच्चों को विद्यालय ले जाने और उपस्थिति बढ़ने की जानकारी सामने आई है। अब अभिभावकों की निगाहें शिक्षा विभाग की जांच और शिकायत पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके और शुल्क को लेकर बनी स्थिति स्पष्ट हो सके।









