साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क का भंडाफोड़, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
63 बैंक खातों का मिला विवरण, 24 क्यूआर कोड स्कैन पैड समेत भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और पांच मोबाइल बरामद
दिनेश कुमार पाल
प्रतापगढ़। जनपद में साइबर अपराध और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क के खिलाफ जेठवारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम मनीराम का पुरवा, खटवारा में छापेमारी कर गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, क्यूआर कोड स्कैन पैड, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क में खलबली मची हुई है।
पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में जेठवारा पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग संगठित तरीके से विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाकर उनकी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों तथा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के पैनल संचालकों को उपलब्ध करा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम मनीराम का पुरवा, खटवारा में दबिश दी और मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद उन खातों की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग से संबंधित जानकारियां साइबर अपराधियों तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लोगों तक पहुंचाई जाती थीं। इन खातों का इस्तेमाल कथित रूप से साइबर अपराध के माध्यम से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए किया जाता था। इस तरह आरोपी बैंक खातों को साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराते थे।
रजिस्टर में मिले 63 बैंक खातों के विवरण
पुलिस को आरोपियों के कब्जे से बरामद एक रजिस्टर में 63 बैंक खातों का विवरण मिला है। इस बरामदगी ने पुलिस जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है। वहीं, समन्वय पोर्टल के माध्यम से खातों की जांच करने पर कुछ बैंक खातों के विरुद्ध अन्य राज्यों में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल प्रतापगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों से भी इसका संपर्क हो सकता है। पुलिस इन खातों से जुड़े लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है।
भारी मात्रा में बैंकिंग सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 24 क्यूआर कोड स्कैन पैड, आठ बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, आठ आधार कार्ड एवं उनकी छायाप्रतियां, एक आधार अपडेट फॉर्म, तीन पैन कार्ड, सात खाली सिम लिफाफे, दो सिम सहित लिफाफे, तीन एटीएम कार्ड, एक रजिस्टर, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक से संबंधित एक एटीएम कार्ड पत्र तथा पांच एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामग्री से पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके और उसके संभावित नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
चार अलग-अलग जनपदों के आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित पटेल निवासी कटरा जलेसर गंज, थाना संग्रामगढ़, जनपद प्रतापगढ़; रिशांक शेखर सिंह निवासी गोनिया छपरा, थाना बैरिया, जनपद बलिया; के. सागर निवासी स्टील नगर, भिलाई, जनपद दुर्ग, छत्तीसगढ़ तथा अंकुश वर्मा निवासी मनीराम का पुरवा, खटवारा, थाना जेठवारा, जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अंकुश वर्मा की निशानदेही पर उसके घर से अतिरिक्त सामग्री भी बरामद की गई है।
बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना जेठवारा में मुकदमा अपराध संख्या 327/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ बरामद बैंक खातों, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं तथा साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि किन-किन खातों के माध्यम से स्थानांतरित की गई।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मृत्युंजय पाण्डेय, राजेन्द्र पाण्डेय, वरिष्ठ उपनिरीक्षक एहसान उल हक खान सहित थाना जेठवारा के पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध और अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।









