10 वर्षों से लकवे की बीमारी से जूझ रहे बुजुर्ग दंपती को तीसरी बार मिली मदद, अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा
निःसंतान दंपती की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संत रामपाल जी महाराज की पहल पर लगातार तीसरे महीने पहुंचाई गई एक माह की राशन किट
दिनेश कुमार पाल
उन्नाव, 1 नवंबर 2026। गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक बुजुर्ग निःसंतान दंपती के लिए संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम लगातार सहारा बन रही है। पिछले करीब 10 वर्षों से लकवे की बीमारी से पीड़ित 65 वर्षीय संतोष कुमार और उनकी 54 वर्षीय पत्नी अन्नो देवी को रविवार, 1 नवंबर 2026 को तीसरी बार एक माह की राशन किट उपलब्ध कराई गई। इससे पहले भी 3 सितंबर और 1 अक्टूबर को दंपती के घर राशन सहायता पहुंचाई गई थी। लगातार तीसरे महीने मिली इस मदद से बीमारी और आर्थिक परेशानियों के बीच जीवनयापन कर रहे बुजुर्ग दंपती को काफी राहत मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला उन्नाव की तहसील सदर, विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण, पोस्ट जगजीवनपुर के अंतर्गत छोटी रावल गांव निवासी संतोष कुमार और उनकी पत्नी अन्नो देवी की पारिवारिक स्थिति बेहद कठिन है। दंपती निःसंतान हैं। परिवार में बच्चों का सहारा नहीं होने और अन्य सदस्यों से विशेष आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाने के कारण उन्हें अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
एक दशक से लकवे की बीमारी ने छीना रोजगार का सहारा
बताया जाता है कि संतोष कुमार पिछले लगभग 10 वर्षों से लकवे की बीमारी से पीड़ित हैं। लंबे समय से बीमारी से जूझने के कारण वह सामान्य रूप से कामकाज करने और आजीविका अर्जित करने में असमर्थ हैं। बीमारी के चलते उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी हो गई है कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी निभाना उनके लिए संभव नहीं रह गया है।
ऐसे में उनकी पत्नी अन्नो देवी ही घर की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। नियमित आमदनी का कोई पुख्ता साधन नहीं होने के कारण घर का खर्च चलाना, भोजन की व्यवस्था करना और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना दंपती के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। उम्र के इस पड़ाव पर बीमारी और आर्थिक तंगी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
शिष्य अनूप दास की सूचना पर शुरू हुई सहायता
बुजुर्ग दंपती की दयनीय परिस्थितियों की जानकारी गांव में रहने वाले संत रामपाल जी महाराज के शिष्य अनूप दास को हुई। उन्होंने दंपती की स्थिति से अन्नपूर्णा मुहिम के कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। इसके बाद मुहिम की टीम ने परिवार की आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों का जायजा लेने के लिए सर्वे किया। जांच के बाद दंपती को नियमित राशन सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई।
इसी क्रम में 3 सितंबर 2026 को पहली बार दंपती के घर एक माह की राशन किट पहुंचाई गई। इसके बाद 1 अक्टूबर को दूसरी बार राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई। अब 1 नवंबर 2026 को तीसरी बार भी कार्यकर्ताओं ने दंपती के घर पहुंचकर एक माह की राशन किट प्रदान की।
राशन किट में खाद्य सामग्री के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी शामिल
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत उपलब्ध कराई गई राशन किट में आटा, चावल, चना, उड़द दाल, सरसों का तेल, चीनी, चायपत्ती, दूध पाउडर और गरम मसाला सहित नहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन तथा डिटर्जेंट पाउडर जैसी जरूरी सामग्री शामिल रही।
इस सहायता का उद्देश्य दंपती को भोजन और घरेलू जरूरतों की व्यवस्था में राहत पहुंचाना है। लगातार तीसरी बार राशन मिलने से उन्हें अपनी सीमित आर्थिक स्थिति में कुछ राहत मिली है और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्राप्त हुआ है।
जरूरतमंद दंपती को आगे भी सहायता देने का भरोसा
अन्नपूर्णा मुहिम के कार्यकर्ताओं के अनुसार, बुजुर्ग दंपती की बीमारी और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी जरूरतों के अनुसार आगे भी सहायता जारी रखने का भरोसा दिया गया है। मुहिम के माध्यम से ऐसे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जो बीमारी, आर्थिक कमजोरी या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं।
गौरतलब है कि निःसंतान और गंभीर बीमारी से जूझ रहे संतोष कुमार एवं अन्नो देवी के लिए लगातार तीसरे महीने पहुंची राशन सहायता मुश्किल समय में एक महत्वपूर्ण संबल बनी है। उम्र के इस पड़ाव पर जब दंपती को आर्थिक और शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, तब नियमित सहायता मिलने से उन्हें भोजन और दैनिक जरूरतों की चिंता कम करने में मदद मिली है।
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत जरूरतमंद, असहाय, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक खाद्य सामग्री एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। यह समस्त सेवा कार्य जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।











