क्या है परमात्मा का संविधान : संत रामपाल जी महाराज
27 सितंबर 2026 को जनपद उन्नाव के इन्द्रा नगर स्थित उत्सव लॉन में एक भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में संत रामपाल जी महाराज का सत्संग प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया। इस दौरान “परमात्मा का संविधान” विषय पर संत रामपाल जी महाराज ने अत्यंत तार्किक ढंग से विभिन्न धर्मों के पवित्र शास्त्रों के प्रमाणों सहित समझाया कि जैसे एक देश के सुचारू संचालन के लिए उसके संविधान का पालन करना आवश्यक होता है, उसी प्रकार परमात्मा के सच्चे भक्त बनने के लिए उसके बताए संविधान का पालन करना अनिवार्य है।
सत्संग में आगे संत रामपाल जी महाराज ने विभिन्न धर्मों के शास्त्रों के आधार पर प्रचलित शास्त्रविरुद्ध साधनाओं का खंडन किया, जिनमें बलि प्रथा, मांसाहार, जातिवाद, तथा पाखंडवाद जैसी कुरीतियों को स्पष्ट रूप से गलत बताया गया।
द्वितीय चरण में संत गरीबदास जी महाराज से संबंधित एक विशेष वीडियो प्रदर्शित किया गया, जिसमें दर्शाया गया कि किस प्रकार परमात्मा कबीर साहेब ने संत गरीबदास जी महाराज को दर्शन दिए, तथा उनके माध्यम से अमर ग्रंथ साहेब की रचना करवाई, जो विश्व कल्याण के उद्देश्य से लिखी गई एक महान आध्यात्मिक कृति है।
इसके साथ ही संत रामपाल जी महाराज द्वारा धनाना धाम में दिए गए विशेष संदेश का भी प्रसारण किया गया, जिसमें उन्होंने परमात्मा पर अटूट विश्वास रखने और किसी के साथ बुरा न करने का संदेश दिया। इस ज्ञान को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से प्रभावित होकर 3 भक्त आत्माओं ने संत जी से नामदीक्षा (उपदेश) प्राप्त किया।
समग्र रूप से यह सत्संग कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं आत्मिक शांति प्रदान करने वाला रहा।
रिपोर्टर – धीरज वर्मा









