विवाहिता की संदिग्ध मौत, फंदे पर मिला शव
मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप, पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग
दिनेश कुमार पाल
कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मलाका तारा, जमैठी में बुधवार को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। विवाहिता रोहिणी मिश्रा उर्फ अंतिमा मिश्रा का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
मृतका के पिता गंगा सागर मिश्रा ने थाना कुंडा पुलिस को प्रार्थना-पत्र देकर ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर बेटी को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फरवरी 2025 में हुई थी शादी
पिता द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, रोहिणी मिश्रा की शादी फरवरी 2025 में कुंडा थाना क्षेत्र के मलाका तारा, जमैठी निवासी आकाश मिश्रा उर्फ अंशु मिश्रा के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी।
मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को कथित तौर पर दहेज में रुपये-पैसे की मांग को लेकर परेशान किया जाता था। उनका कहना है कि रोहिणी फोन के माध्यम से कई बार उन्हें कथित प्रताड़ना और दहेज की मांग के बारे में जानकारी देती थी।
30 सितंबर को मिली मौत की सूचना
प्रार्थना-पत्र के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को गंगा सागर मिश्रा को फोन पर सूचना मिली कि उनकी बेटी ने कमरे में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही वह अपने नात-रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने रोहिणी का शव कमरे में छत के चुल्ले से साड़ी के सहारे लटका हुआ देखा।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पति समेत ससुराल पक्ष पर लगाए आरोप
मृतका के पिता ने अपने प्रार्थना-पत्र में पति आकाश मिश्रा उर्फ अंशु मिश्रा, सास मंजू मिश्रा, ससुर अनिरुद्ध कुमार मिश्रा उर्फ अंशु मिश्रा समेत अन्य संबंधित परिजनों पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस से मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
मामला संवेदनशील होने के कारण मौत की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल एवं कॉल रिकॉर्ड तथा परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मायके पक्ष की ओर से लगाए गए दहेज प्रताड़ना और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







