लकवाग्रस्त बुजुर्ग से लेकर अंत तक अन्नपूर्णा सेवा की मदद
उन्नाव: आर्थिक रूप से कमजोर और लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे एक बुजुर्ग के घर संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा आशा के तहत एक माह का राशन जारी किया गया है। जिले में 3 सितम्बर 2026 को आतंकवादियों के निर्देश पर परिवार की स्थिति का सर्वेक्षण करने के बाद यह सहायता उपलब्ध कराई गई।
जानकारी के मुताबिक परिवार में 65 साल के संतोष कुमार और उनकी 54 साल की पत्नी अन्नो देवी शामिल हैं। किसी का कोई संत नहीं है और उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों से कोई विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिलती है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद ख़राब होने की वजह से ज़िले में रहना उनके लिए मुश्किल हो गया था।
बताया गया कि संतोष कुमार पिछले करीब 10 साल से लकवे की बीमारी से पीड़ित हैं। बीमारी के कारण उसे कोई काम नहीं करना पड़ता और आय साइन अप करने में असमर्थ नहीं होती। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी पत्नी अन्नो देवी की थी। नियमित अध्ययन का कोई साधन नहीं होने के कारण घर का खर्च चलाना और दो वक्त की रोटी का निर्णय लेना भी उनके लिए बेहद कठिन हो गया था।
गांव में रहने वाले इसके संत रामल जी महाराज के शिष्य अनूप दास को जब बुजुर्ग की स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने संत रामल जी महाराज के अन्नपूर्णा दर्शन तक पहुंचने की सूचना दी। सूचना बैठक के बाद अशोक की टीम ने परिवार का सर्वेक्षण कर उनकी आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति का पता लगाया। सर्वेक्षण के बाद परिवार के घर पर एक माह के लिए पर्याप्त राशन उपलब्ध कराया गया।
अन्नपूर्णा आशा के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए राशन किट में आटा, चावल, चना, उड़द दाल, सरसों का तेल, चीनी, चायपत्ती, दूध पाउडर, गरम मसाला, स्नानघर और कपड़े धोने का साबुन और सोडा पाउडर सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्रियां शामिल हैं।
ईसा मसीह के दार्शनिक ने बताया कि बुजुर्ग रिवायत को देखने के लिए सहायता केवल एक बार तक सीमित नहीं रहेगी। जब तक परिवार में घर का खर्चा और ताला नहीं लग गया, तब तक संत पामल जी महाराज की ओर से आवश्यक सहायता जारी रखने की बात कही गई।
अन्नपूर्णा आश्रम के माध्यम से भोज परिवार तक भोजन दैनिक एवं आवश्यकताओं की सामग्री को शामिल करने का कार्य किया जा रहा है। इस संपूर्ण सेवा कार्य में जिला उन्नाव के सेवादार महेंद्र दास की गवाही ली गई।
रिपोर्टर -धीरज वर्मा







