पति की मृत्यु के बाद बेसहारा परिवार को दूसरी बार मिला अन्नपूर्णा मुहिम का सहारा
चार बच्चों की परवरिश कर रही विधवा मां को फिर मिली राहत, संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत 1 अक्टूबर को पहुंचाई गई एक माह की राशन किट
उन्नाव, 1 अक्टूबर 2026। पति की असमय मृत्यु के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही एक विधवा महिला और उसके चार बच्चों के परिवार तक संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम की सहायता दूसरी बार पहुंची। परिवार की दयनीय परिस्थितियों को देखते हुए 1 अक्टूबर 2026 को एक बार फिर एक माह की राशन किट उपलब्ध कराई गई। इससे पहले 3 सितंबर 2026 को भी परिवार को राशन सहायता प्रदान की गई थी।
जिला उन्नाव की तहसील सदर, ब्लॉक सिकंदरपुर, पोस्ट बंथर स्थित जालिम खेड़ा (आजाद मार्ग नई बस्ती) में रहने वाली 34 वर्षीय राधा पत्नी बसंतु अपने चार बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही हैं। परिवार में 14 वर्षीय संध्या, 12 वर्षीय मुस्कान, 10 वर्षीय सुनैना और 6 वर्षीय देवराज शामिल हैं। चारों बच्चे निजी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संध्या कक्षा 8, मुस्कान कक्षा 6, सुनैना कक्षा 4 और देवराज कक्षा 1 में अध्ययनरत हैं।
पति की असमय मृत्यु के बाद परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
जानकारी के अनुसार राधा के पति बसंतु की 7 अगस्त 2026 को बीपी लो होने की समस्या के कारण मृत्यु हो गई थी। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी राधा के कंधों पर आ गई। आय का कोई मजबूत साधन नहीं होने के कारण चार बच्चों का पालन-पोषण, उनकी शिक्षा और घर का खर्च चलाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया।
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो गई थी कि दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया था। ऐसे कठिन समय में परिवार को भोजन और दैनिक जरूरतों की सामग्री उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक था।
पहली सहायता के बाद दूसरी बार पहुंची राशन किट
परिवार की परिस्थितियों की जानकारी संत रामपाल जी महाराज के शिष्य श्रवण दास को मिली। उन्होंने इसकी सूचना अन्नपूर्णा मुहिम के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई। इसके बाद टीम ने परिवार का सर्वे कर उनकी आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति का जायजा लिया।
सर्वे के उपरांत 3 सितंबर 2026 को पहली बार परिवार को एक माह का राशन उपलब्ध कराया गया था।
अब 1 अक्टूबर 2026 को दूसरी बार राशन किट पहुंचाकर परिवार को फिर से सहायता प्रदान की गई। राशन किट में आटा, चावल, चना, उड़द दाल, सरसों तेल, चीनी, चायपत्ती, दूध पाउडर, गरम मसाला, नहाने एवं कपड़े धोने का साबुन और डिटर्जेंट पाउडर सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री शामिल रही।
परिवार को आत्मनिर्भर होने तक सहायता जारी रखने की बात
अन्नपूर्णा मुहिम के कार्यकर्ताओं ने परिवार को आश्वस्त किया कि यह सहायता केवल एक बार तक सीमित नहीं रहेगी। जब तक परिवार में कोई सदस्य घर का खर्च संभालने और कमाने में सक्षम नहीं हो जाता, तब तक परिवार की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता जारी रखने की बात कही गई है।
अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा और जरूरतमंद परिवारों तक भोजन एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
पति को खोने के बाद चार बच्चों के भविष्य और भरण-पोषण की चिंता से जूझ रही राधा के परिवार को दूसरी बार मिली यह सहायता कठिन परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण संबल बनी है।
समस्त सेवा कार्य जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
- रिपोर्टर – धीरज वर्मा










