खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में ऐतिहासिक दंगल का आयोजन, जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया पहलवानों का उत्साह
पारंपरिक कुश्ती के दांव-पेच देखने के लिए जुटे खेलप्रेमी, ग्रामीण संस्कृति और भाईचारे को बढ़ावा देने का दिया संदेश
अमित कुमार
नेवादा, कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के नेवादा ब्लॉक अंतर्गत खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में पारंपरिक एवं ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। दंगल के माध्यम से भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण और युवा पीढ़ी को कुश्ती के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य एवं जिला महामंत्री ज्योति केशरवानी शामिल हुए। वहीं, नेवादा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संदीप मिश्रा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन का उत्साह बढ़ाया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कुशल मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस दंगल में अतिथियों का स्वागत किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पारंपरिक खेलों को ग्रामीण जीवन और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने पर दिया जोर
दंगल भारतीय ग्रामीण संस्कृति की एक महत्वपूर्ण पहचान रहा है। गांवों में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम न केवल खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देते हैं, बल्कि लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी मेल-जोल और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में आयोजित दंगल ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को संरक्षित करने तथा युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरणा मिलती है।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता बृजेंद्र नारायण मिश्र, भोले शंकर मौर्य सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक दंगल के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे ग्रामीण संस्कृति, खेल भावना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला आयोजन बताया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की सहभागिता से पारंपरिक खेलों के प्रति उत्साह और उनके संरक्षण की आवश्यकता का संदेश सामने आया। दंगल जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
युवाओं को खेलों से जोड़ने की पहल
खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में आयोजित इस पारंपरिक दंगल ने युवाओं को कुश्ती और अन्य पारंपरिक खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। ग्रामीण अंचलों में खेल आयोजनों की अपनी विशेष पहचान होती है। ये आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करते हैं।
कुल मिलाकर, खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में आयोजित ऐतिहासिक दंगल पारंपरिक खेल संस्कृति के संरक्षण, ग्रामीण प्रतिभाओं के उत्साहवर्धन और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष पहचान प्रदान की।










